आइए जाने सिंदूर का क्या है – महत्व

सिंदूर

यदि पत्नी के माँग के बीचो बीच सिन्दूर लगा हुआ है तो उसके पति की अकाल मृत्यू नही हो सकती है।
जो स्त्री अपने माँग के सिन्दूर को बालो से छिपा लेती है उसका पति समाज मे छिप जाता है

जो स्त्री बीच माँग मे सिन्दूर न लगाकर किनारे की तरफ सिन्दूर लगाती है उसका पति उससे किनारा कर लेता है।

यदि स्त्री के बीच माँग मे सिन्दूर भरा है तो उसके पति की आयु लम्बी होती है।

रामायण मे एक प्रसंग आता है जब बालि और सुग्रीव के बीच युध्द हो रहा था तब श्रीराम ने बालि को नही मारा।

जब बालि के हाथो मार खाकर सुग्रीव श्रीराम के पास पहुचा तो श्रीराम ने कहा की तुम्हारी और बालि की शक्ल एक सी है इसिलिये मै भ्रमित हो गया
अब आप ही बताइये श्री राम के नजरो से भला कोई छुप सकता है क्या?

असली बात तो यह थी जब श्रीराम ने यह देख लिया की बालि की पत्नी तारा का माँग सिन्दूर से भरा हुआ है तो उन्होने सिन्दूर का सम्मान करते हुये बालि को नही मारा ।

दूसरी बार जब सुग्रीव ने बालि को ललकारा तब तारा स्नान कर रही थी उसी समय भगवान ने देखा की मौका अच्छा है और बाण छोड दिया अब आप ही बताइये की जब माँग मे सिन्दूर भरा हो तो परमात्मा भी उसको नही मारते फिर उनके सिवाय कोई और क्या मारेगा।

यह पोस्ट मै इसीलिये कर रहा हूँ की आजकल फैसन चल रहा है सिन्दूर न लगाने की या हल्का लगाने की या बीच माँग में न लगाकर किनारे लगाने की ।